आज को जिएं, खुश रहें।
कल क्या होगा? इस चिंता में लोग अक्सर अपने आज के साथ नाइंसाफ़ी कर बैठते हैं। परेशान रहने से किसी समस्या का समाधान नहीं होने वाला। आने वाला कल कैसा होगा यह बहुत कुछ हम पर निर्भर करता है। अपने आज को जिंएं, ख़ुश रहें। काम वक्त पर करने की ईमानदारी से कोशिश करें। इस बात का कोई महत्व नहीं है कि आप की उम्र क्या है, व्यवसाय क्या है, या आप कब से कोशिश कर रहे हैं? अगर कोई बात मायने रखती है तो यह कि आज आज की तारीख में क्या कर रहे हैं? हौंसले बुलंद रखिये क्योंकि शायद आज ही वह दिन है जब आपकी कोशीश रंग लाएगी। अपनी क्षमताओं का आंकलन करते समय कभी भी खुद को किसी से कम न समझें। आत्ममुग्ध होना गलत है, तो खुद को हेय समझना उससे भी ज्यादा गलत। आज जैसे भी हैं, वह बीते हुए कल के काम की बजह से हैं। कल आप कैसे होंगे, यह आज के काम पर निर्भर करेगा। तो क्यों ना कल खुद को मजबूत स्थिति में पाने की कोशिश करें।